Thursday, August 7, 2008

अब तो आंसू भी मुझसे बहने का हिसाब मांग रहे हैं

इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.जैसे ही समय मिलेगा मैं लिखता हु.

Wednesday, July 30, 2008

सपनों का अहसास........................

आज कुछ खास हुआ है,
सपनों के नगर में,
नया अहसास सा हुआ है।
तस्सवुर में एक परछाई आई है
कहने को वो अभी,
सांसों में समाई है।
पर
फ़िर भी अभी तक,
न जाने क्यों अन्जान सी बनी है।
सोचता हूँ,
वो अहसास का नया रंग सा लाई है।
वो बैचेनी देकर भी सुकून सा कर आई है।